रात में वाराणसी के घाट, नदी किनारे दीप
कथा · छठ

छठ पूजा

वाराणसी · Immanuelle, CC BY 4.0, काटी हुई

कथा कहाँ से

परंपरा से

लोक परंपरा: बिहार, झारखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश की।

संक्षेप में

सूर्य देव और छठी मैया की उपासना। डूबते और उगते सूर्य को जल में खड़े होकर अर्घ्य।

चार दिन: नहाय-खाय, खरना, संध्या अर्घ्य, उषा अर्घ्य

पूरी कथा

मूल पाठ · अर्थ अनुवादित

पूरा पाठ DharmikStudio पर जाँचा जा रहा है। छपते ही यहाँ पढ़िए और सुनिए: मूल पाठ वैसा ही, अर्थ अनुवादित।

DharmikStudio पर देखिए (नए टैब में खुलता है)

आने वाली तारीखें

व्रत कैलेंडर

जाँचे कैलेंडर में अभी कोई पक्की तारीख नहीं।

घर पर कथा करवानी है?

डेस्क मदद करेगी

कथा वाचक अभी हमारी सूची में नहीं जुड़े। लिखिए, डेस्क मदद करेगी।

इस शहर और आज के दिन के लिए DharmikVibes की पूजा, दर्शन और यात्राएँ। दाम और बुकिंग DharmikVibes के पन्ने पर, आपकी हाँ के बाद।

किसे छूट है

परंपरा में बीमार, गर्भवती, बुज़ुर्ग और दवा लेने वालों को व्रत से छूट है। शुगर या बीपी हो तो व्रत से पहले डॉक्टर से पूछ लीजिए।